2007 से अब तक गाँव की खेती की ज़मीन पर मकान, दुकान, कारख़ाना या कॉलोनी बनाने की अनुमति एक ही नियमावली से मिलती रही है, जिसमें कई बार संशोधन हुए — Rajasthan Land Revenue (Conversion of agricultural land for non-agricultural purposes in rural areas) Rules, 2007। अक्टूबर 2026 की शुरुआत की ख़बरों के अनुसार 2 नवंबर 2026 से इनकी जगह नए नियम लेंगे। बताए गए बदलाव सिद्धांत से ज़्यादा प्रक्रिया के हैं: आवेदन ऑनलाइन होगा, अनुमति उपखंड अधिकारी देंगे, और आवेदन पूरा होते ही अनुमति का आदेश अपने-आप जारी होगा।
समाचारों में क्या बताया गया है
- नाम। राजस्थान भू-राजस्व (ग्रामीण क्षेत्रों में गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए कृषि भूमि का उपयोग) नियम, 2026 — जैसा समाचारों में छपा।
- तारीख़। 2 नवंबर 2026 से लागू, 2007 के ग्रामीण रूपांतरण नियमों के स्थान पर।
- कौन तय करेगा। उपखंड अधिकारी (SDO) को अधिकृत अधिकारी बनाया गया है।
- आवेदन कैसे होगा। ऑनलाइन पोर्टल पर। आवेदन पूरा होने पर अनुमति का आदेश अपने-आप जारी होगा।
- क्या देना होगा। एक तय आवेदन शुल्क — आवासीय उपयोग के लिए एक राशि और बाक़ी हर उपयोग के लिए उससे अधिक — और भूमि की DLC दर के प्रतिशत के रूप में प्रीमियम। प्रतिशत उपयोग पर निर्भर है: आवासीय, सार्वजनिक और औद्योगिक उपयोग एक दर पर; वाणिज्यिक, संस्थागत और चिकित्सा उपयोग तथा आवासीय परियोजनाएँ उससे ऊँची दर पर; खाद्य-प्रसंस्करण इकाइयों और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए कम दर। होटल, रिसॉर्ट और दूसरी वाणिज्यिक इकाइयाँ वाणिज्यिक दर देंगी।
- किन पर प्रीमियम नहीं। पर्यटन इकाइयाँ, स्टेडियम, खेल के मैदान और खेल परिसर, और कुछ सरकारी व स्थानीय निकाय परियोजनाएँ पूरी तरह मुक्त बताई गई हैं। रिपोर्ट अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों की भूमि पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, हरी और सफ़ेद श्रेणी के कुछ उद्योगों और आईटी पार्कों के लिए भी छूट बताती है, पर यह नहीं बताती कि वह पूरी है या आंशिक।
- कॉलोनी और औद्योगिक क्षेत्र। नई आवासीय कॉलोनी में 40 प्रतिशत भूमि सड़कों और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए आरक्षित, और अधिकतम 5 प्रतिशत वाणिज्यिक व संस्थागत उपयोग के लिए। औद्योगिक क्षेत्र में 70 प्रतिशत उद्योग के लिए और 30 प्रतिशत आधारभूत ढाँचे, खुली जगह और सहायक सुविधाओं के लिए। जहाँ तक समाचार बताते हैं, ये दोनों बँटवारे 2007 के नियमों जैसे ही हैं।
- जिस भूमि का रूपांतरण नहीं होगा। अधिग्रहणाधीन भूमि; संरक्षित और पर्यावरण-संवेदी क्षेत्र; जल स्रोत और जलग्रहण क्षेत्र; विरासत क़ानूनों के तहत आने वाली भूमि; अधिसूचित सड़क और रेल गलियारे; और रक्षा, पेट्रोलियम व अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों के पास की भूमि।
इस पेज पर राशियाँ क्यों नहीं हैं। रिपोर्टों में हर आवेदन शुल्क की रुपये में राशि और हर प्रीमियम के लिए DLC दर का प्रतिशत दिया गया है। हमने उन्हें छोड़ दिया है। वे ऐसी अधिसूचना की समाचार रिपोर्टों से हैं जिसे हमने नहीं पढ़ा, जिस रिपोर्ट को हमने पूरा पढ़ा उसके अपने सारांश में दरों की एक साफ़ छपाई-भूल है, और एग्रीज़मीन वैसे भी रूपांतरण शुल्क या DLC दरें प्रकाशित नहीं करता। आपको कितना देना है, यह अधिसूचित नियम और SDO की माँग बताएगी। माँग लिखित में लें।
रिपोर्टें अभी क्या नहीं बतातीं
- अधिसूचना का नंबर और तारीख़, और वह राजस्थान राजपत्र में कब छपी।
- 2 नवंबर को 2007 के नियमों के तहत लंबित आवेदनों का क्या होगा।
- 2007 की छूटें बचेंगी या नहीं — 500 वर्ग मीटर तक का आवास, एक एकड़ तक का लघु उद्योग, खाद्य-प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा का रास्ता — और तत्काल (Tatkal) का विकल्प रहेगा या नहीं।
- पोर्टल का पता। किसी के भेजे लिंक से आवेदन न करें; राजस्व विभाग या SDO कार्यालय के बताए पोर्टल का इंतज़ार करें।
- क्या SDO हर आवेदन तय करेंगे, क्षेत्रफल और उपयोग चाहे जो हो, या केवल कुछ।
- अपने-आप जारी आदेश में कौन-सी शर्तें होंगी। 2007 के नियमों में इनमें पाँच साल के भीतर भूमि का उपयोग करना और काटे गए हर पेड़ के बदले तीन पेड़ लगाना शामिल था।
- रक्षा, पेट्रोलियम और अन्य प्रतिष्ठानों के “पास” की दूरी कितनी है, और जहाँ रिकॉर्ड में जलग्रहण क्षेत्र दर्ज न हो वहाँ भी जलग्रहण की रोक लगेगी या नहीं, जैसी 2007 के नियमों के नियम 4(d) में है।
अगर आपका काम बीच में है
- आपने 2007 के नियमों में आवेदन किया है और इंतज़ार में हैं। फ़ाइल देख रहे कार्यालय से लिखित में पूछें कि कौन-से नियम लागू होंगे और 2 नवंबर के बाद आपसे कुछ और माँगा जाएगा या नहीं। रसीद और हर चालान सँभालकर रखें।
- आप आवेदन करने वाले हैं। 2 नवंबर से पहले आवेदन का अर्थ है 2007 के नियम, जिनका पाठ उपलब्ध है। इंतज़ार का अर्थ है नया ऑनलाइन रास्ता, जिसका पाठ अभी सार्वजनिक नहीं है। कौन-सा बेहतर है, यह उपयोग, क्षेत्रफल और शुल्क पर निर्भर है — अधिसूचित नियम पढ़े जा सकें तब यह किसी अधिवक्ता से पूछने का प्रश्न है। हम इसका उत्तर नहीं दे सकते।
- आप “रूपांतरित” बताई गई ज़मीन ख़रीद रहे हैं। जाँच वही रहती है। रूपांतरण का आदेश ख़ुद माँगें, उसका उद्देश्य, क्षेत्रफल और शर्तें पढ़ें, और पक्का करें कि जमाबंदी में भूमि अकृषि दर्ज है। 2007 के नियमों में बना आदेश उन्हीं नियमों से पढ़ा जाता है; 2 नवंबर से बना आदेश नए नियमों से।
- आप बाद में रूपांतरण के इरादे से गाँव की ज़मीन ख़रीद रहे हैं। पहले देखें कि ज़मीन किसी रोक वाली श्रेणी में तो नहीं — अधिग्रहण, पर्यावरण-संवेदी क्षेत्र, जल स्रोत या जलग्रहण क्षेत्र, सड़क या रेल गलियारा। सांभर झील के आसपास पहले सांभर, ओरण, अरावली और गोडावण से जुड़े फ़ैसले पढ़ें। ज़मीन की क़ीमत उसके आज के उपयोग पर आँकें, उस उपयोग पर नहीं जिसकी आपको उम्मीद है।
- आप सोलर के लिए ज़मीन लीज़ पर दे रहे हैं। अप्रैल 2026 के संशोधन ने 2007 के नियमों में नवीकरणीय परियोजनाओं के लिए अलग रास्ता बनाया, और नए नियमों में भी नवीकरणीय ऊर्जा के लिए रियायती प्रीमियम बताया गया है। सोलर और BESS भूमि और खेती की ज़मीन पर सोलर लीज़ देखें, और लीज़ में लिखवाएँ कि कोई भी अनुमति कौन लेगा।
अपने-आप जारी आदेश क्या नहीं करता
अपने-आप जारी होने वाला आदेश उतना ही सही होता है जितना उसके पीछे का आवेदन। वह यह नहीं जाँचता कि ज़मीन किसकी है, और रोक वाली ज़मीन को रूपांतरण-योग्य नहीं बना देता। जुलाई 2026 में राजस्थान उच्च न्यायालय ने मास्टर प्लान की ग्रीन-बेल्ट भूमि पर धारा 90-A का रूपांतरण और पट्टा शून्य माना, ख़रीदार ने चाहे जितना चुकाया हो — हमारे अपडेट रजिस्टर में यह फ़ैसला देखें। वह अलग नियमों वाला शहरी मामला था, पर दिखाता है कि जहाँ नियम अनुमति नहीं देते वहाँ दी गई अनुमति का क्या हो सकता है। जब अनुमति अपने-आप जारी हो, तब भुगतान से पहले ख़रीदार की जाँच और ज़्यादा ज़रूरी हो जाती है।
2 नवंबर तक: अप्रैल 2026 का संशोधन
2007 के नियमों में आख़िरी संशोधन 29 अप्रैल 2026 की अधिसूचना (G.S.R. 11) से हुआ, जिसकी जानकारी मई 2026 में क़ानूनी-अपडेट सेवाओं ने दी। उनके अनुसार इस संशोधन ने नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं — सोलर, पवन, बायोमास, जल-विद्युत, पंप्ड स्टोरेज, बैटरी स्टोरेज और पूलिंग सबस्टेशन — की अलग परिभाषा, रियायती रूपांतरण शुल्क और राजस्व अधिकारियों द्वारा तय समय में आवेदन निपटाने की व्यवस्था दी। स्कूलों, अस्पतालों, आवासीय क्षेत्रों, जलाशयों और हाई-टेंशन लाइनों के पास पेट्रोल पंप पर रोक लगाई, जहाँ वन विभाग या अन्य प्राधिकरण रोक लगाते हैं वहाँ रूपांतरण वर्जित किया, और आवासीय इकाई की परिभाषा में क्षेत्रफल की सीमा घटाई। नए नियम लागू होने तक यही लागू है। इसका राजपत्र पाठ भी हमने नहीं पढ़ा है।
सवाल-जवाब
राजस्थान में ग्रामीण भूमि रूपांतरण के नए नियम कब से लागू होंगे?
अधिसूचना की समाचार रिपोर्टों के अनुसार 2 नवंबर 2026 से। तब तक अप्रैल 2026 में संशोधित 2007 के ग्रामीण रूपांतरण नियम लागू रहेंगे। हमने अधिसूचित नियमों का मूल पाठ नहीं पढ़ा है।
नए नियमों में गाँव की कृषि भूमि के रूपांतरण की मंज़ूरी कौन देगा?
रिपोर्टों के अनुसार उपखंड अधिकारी (SDO) अधिकृत अधिकारी होंगे, आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर होगा, और आवेदन पूरा होने पर अनुमति का आदेश अपने-आप जारी होगा।
क्या ये नियम शहर या विकास प्राधिकरण की सीमा की ज़मीन पर भी लागू होंगे?
ये ग्रामीण क्षेत्रों के नियम हैं। नगरीय निकाय की सीमा या उसकी परिधि की ज़मीन का रूपांतरण धारा 90-A और शहरी नियमों के तहत होता है, और रिपोर्टें वहाँ किसी बदलाव की बात नहीं करतीं।
नए नियमों में रूपांतरण का ख़र्च कितना होगा?
रिपोर्टों में एक तय आवेदन शुल्क (आवासीय उपयोग के लिए कम, बाक़ी के लिए अधिक) और भूमि की DLC दर के प्रतिशत के रूप में प्रीमियम बताया गया है, जो उपयोग के अनुसार बदलता है, और कुछ उपयोगों पर पूरी छूट है। हम राशियाँ प्रकाशित नहीं करते। राशि अधिसूचित नियमों से या SDO कार्यालय की लिखित माँग से ही लें।
2007 के नियमों के तहत पहले से दिए गए आवेदन का क्या होगा?
रिपोर्टों में यह नहीं बताया गया है। अपनी फ़ाइल देख रहे कार्यालय से लिखित में पूछें कि कौन-से नियम लागू होंगे, और हर रसीद व चालान सँभालकर रखें।
स्रोत
- गाँव जंक्शन (देवेश सारस्वत), 4 अक्टूबर 2026 — वह रिपोर्ट जिसे हमने पूरा पढ़ा, और इस पेज पर 2026 के नियमों की हर जानकारी का स्रोत।
- द टाइम्स ऑफ़ इंडिया, जयपुर — ग्रामीण रूपांतरण नियमों की अधिसूचना और ऑनलाइन मंज़ूरी पर।
- दैनिक भास्कर, उदयपुर — 2 नवंबर से नियम लागू होने और रूपांतरण में SDO के अधिकारों पर।
- TeamLease RegTech, 7 मई 2026, और EQ Mag Pro, 4 मई 2026 — अप्रैल 2026 का संशोधन (G.S.R. 11, 29 अप्रैल 2026)।
- यही लेख अंग्रेज़ी में, जिसमें 2007 और 2026 के नियमों की तुलना-तालिका है, और 2007 के नियमों की हमारी व्याख्या (अंग्रेज़ी)।