डीएलसी दर — गणित की नींव
हर इलाक़े के लिए सरकार एक न्यूनतम मूल्य तय करती है — डीएलसी दर। स्टाम्प ड्यूटी सौदे की क़ीमत या डीएलसी — दोनों में जो ज़्यादा हो, उस पर लगती है। इसलिए डीएलसी जाने बिना न मोल-भाव पूरा है, न बजट।
दरें (सांकेतिक, 2026)
- स्टाम्प ड्यूटी: सामान्यतः लगभग 6%; महिला ख़रीदार के नाम लगभग 5% (छूट)। अधिभार (सरचार्ज) अलग से लागू हो सकता है।
- पंजीयन शुल्क: लगभग 1%।
- कृषि भूमि/विशेष श्रेणियों में दरें व छूटें अलग हो सकती हैं — रजिस्ट्री से पहले ई-पंजीयन पोर्टल/उप-पंजीयक कार्यालय से ताज़ा दरें पक्की करें।
एक उदाहरण
मान लीजिए सौदा ₹50 लाख का है और डीएलसी भी इससे कम है। पुरुष ख़रीदार: स्टाम्प ≈ ₹3,00,000 + पंजीयन ≈ ₹50,000 — यानी लगभग ₹3.5 लाख अतिरिक्त। महिला के नाम ख़रीद पर स्टाम्प ≈ ₹2,50,000 — सीधी बचत। (अधिभार अतिरिक्त हो सकता है।)
रजिस्ट्री के दिन
- बैनामे का हर शब्द पढ़िए — नाम, खसरा, रक़बा, क़ीमत।
- सभी विक्रेता वैध पहचान के साथ उपस्थित हों।
- रजिस्टर्ड बैनामे की प्रति संभालिए — और उसके बाद नामांतरण ज़रूर कराइए।
अंग्रेज़ी में विस्तृत लेख: Stamp duty & registration guide।
ध्यान दें: AgriZameen एक स्वतंत्र निजी प्लेटफ़ॉर्म है — कोई सरकारी संस्था नहीं। यह लेख शिक्षा के लिए है, क़ानूनी या कर सलाह नहीं। रिकॉर्ड हमेशा आधिकारिक पोर्टलों (अपना खाता, भू-नक्शा, ई-पंजीयन) पर स्वयं जाँचें और लेन-देन से पहले योग्य वकील/सीए से मिलें। नियम बदलते रहते हैं। समीक्षा: जुलाई 2026।